एं‍जियोग्राफी क्या है इसका उपयोग व फायदे

एं‍जियोग्राफी

एंजियोग्राफी हमारे ह्रदय से जुडी रक्‍त वाहिनी ,नलिकाओं, धमनियों और शिराओं के उपचार की एक चिकित्सकीय जाच होती है | इसका प्रयोग  कोरोनरी हृदय रोगों की जांच के लिए किया जाता है | कोरोनरी एं‍जियोग्राफी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें दिल की रक्‍त वाहिकाओं को देखने के लिए एक्स-रे इमेजिंग का प्रयोग किया जाता है | इसीलिए सबसे पहले हमें कोरोनेरी एं‍जियोग्राफी को समझने से पहले एं‍जियोग्राफी को समझना होगा कि यह किस प्रकार कार्य करती है | भारत में  कई अस्पतालों में एंजियोग्राफी टेस्ट का किया जाता है |

कैसे की जाती है एंजियोग्राफी

एंजियोग्राफी टेस्ट को पूरा होने में कम से कम एक से दो घंटे का समय लगता है | टेस्ट करवाने के बाद मरीज को कम से कम चार से पांच घंटे तक आराम करना चाहिये | इसके बाद व्यक्ति के सीने पर छोटी गद्दियाँ रखी जाती है | इसके बाद व्यक्ति के रक्तचाप की जाँच होती है | फिर जिस जगह से एंजियोग्राफी करनी होती है, उस जगह को सुन्न किया जाता है | फिर व्यक्ति के शरीर में रुधिरनली डालकर जाँच की जाती है और एक्स-रे लिया जाता है फिर व्यक्ति को साँस रोकने के लिए कहा जाता है | जिससे पता चलता है कि एंजियोग्राफी ठीक हई है | एंजियोग्राफी टेस्ट पूरा होने के बाद शरीर से सभी ट्यूब को निकाल लिया जाता है जिस जगह से ट्यूब को डाला गया था वहा पर टांका या पट्टी बांध देते है जिससे की रक्त को बहने से रोका जा सके |

अब आइये जानते है कि एंजियोग्राफी टेस्ट के बाद किस प्रकार करे मरीज की देखभाल |

कैसे करे एंजियोग्राफी टेस्ट के बाद देखभाल

  • एंजियोग्राफी टेस्ट के बाद कुछ दिनों तक मरीज की ठीक से देखभाल की जानी चाहिए |
  • ध्यान रहे की जिस अंग पर कैथिटर लगा हुआ था, उस पर किसी भी प्रकार का कोई दबाव ना पड़े |
  • हो सके तो उस अंग को सीधा रखे जिससे रक्त का प्रवाह ना हो और नाडी व रक्तचाप की जाँच कराते रहें|
  • कैथेटर कि जगह से रक्त निकलने या फिर सुन्न महसूस होने जैसी समस्या हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें |
  • टेस्ट के बाद संतुलित भोजन का ही सेवन करे |
  • जब तक आपके घाव भर नही जाते तब तक अधिक नहीं चले और वजन को भी ना उठाये |
  • जिस जगह पर कैथेटर का टंका लगा हुआ था उस जगह को रगड़े या घिसे नही |

इन सभी परहेज व देखभाल करके आप भी कुछ दिनों में अपने शरीर को स्वस्थ बना सकते है |

टेस्ट के बाद रखे इन बातों का ध्यान

  • अगर ट्यूब की जगह से रक्त बंद नही हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर को बताये |
  • यदि ट्यूब की जगह पर सूजन व कोमलता आ रही है तो भी डॉक्टर से बताये |
  • यदि आपके किसी भी अंग में पीलापन व शिथिलता का आभास हो तब डॉक्टर को बताये |
  • हांथ पैर की उँगलियों में सुन्न या फिर उँगलियाँ हिलाने में दिक्कत आ रही हो तब भी डॉक्टर को जरुर बताये |
  • शरीर में बेचैनी, कमजोरी बुखार या फिर सुन्नपन आ रहा हो, तब डॉक्टर से जरुर बताये |
  • अगर आपकी तलबे की जगह पर तेज दर्द व जलन का अनभुव हो तो भी डॉक्टर से जरुर संपर्क करे|
  • एंजियोग्राफी टेस्ट के बाद जब तक आप स्वस्थ ना हो जाये तब तक ठंडी चीजों से परहेज करे|

यदि आप भी एंजियोग्राफी करवाना चाहते है तो ऊपर दी हुई बातों को ध्यान पूर्वक पढ़े और इन बातों का पालन करे | एंजियोग्राफी टेस्ट के बाद जब तक आपका शरीर स्वस्थ नही हो जाता तब तक डॉक्टर के संपर्क में ही रहे |

ओर पढ़े – जाने कीमोथेरेपी के बारे में – Benefits Of Chemotherapy In Hindi