लीवर को भी दुरुस्त बनाते है ये 3 योगासन

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खराब से खराब लीवर को भी दुरुस्त बनाते है ये 3 योगासन

दोस्तों लीवर हमारे शरीर का एक बहुत जरुरी अंग होता है। ये हमारे शरीर में वसा का पाचन करता है तथा आंतों के हानिकारक कीटाणुओं को खत्म करता है। एक स्वस्थ शरीर के लिए लीवर का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी होता है। लेकिन कुछ बुरी आदतों की वजह से आपका लिवर खराब हो जाता है। जैसे शराब ज्यादा मात्र में पीना, धूम्रपान अधिक करना आदि। लेकिन जरुरी नहीं की आप सिगरेट और शराब नहीं पीते है तो आपको लीवर की समस्या नहीं होगी |

इसके अलावा कई बार ज्यादा मात्र में नमक और खट्टा खाना खाने से भी लिवर की समस्या पैदा हो सकती हैं। इसलिए अगर आपको लीवर की समस्या हो रही है तो खानपान में नमक और खट्टे पदार्थो का इस्तेमाल कम कर देना चाहिए | अगर आप अपना लीवर स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आपको नियमित वयायाम भी करना चाहिए। आज हम आपको योग के कुछ ऐसे आसनों के बारे में बताने वाले हैं जिनका नियमित अभ्यास आपको लीवर की हर समस्या से छुटकारा दिलाने में मददगार हो सकता है। आइये जानते हैं इन आसन के बारे में।

धनुरासन प्राणायाम

धनुरासन को सामान्य भाषा में बो पोस भी कहा जाता है| यह आसन उन लोगो के लिए बहुत फायदेमंद होता है जो लोग फैटी लीवर रोग से परेशान होते  है| यह आपके लीवर को काम करने की ताकत देता है, उसे उत्तेजित करता है जिसके चलते शरीर में जमा हुआ वसा उर्जा में परिवर्तित होने लग जाता है और आपका शरीर उसे इस्तेमाल करना शुरू कर देता है|

धनुरासन प्राणायाम करने की विधि : –

  • यह आसन दिखने में बहुत मुश्किल लगता है मगर इसे लगातार करते रहने से आप इसे करने में पूरी तरह से निपुण हो जायेंगे |
  • इसे करने के लिए सबसे पहले आप पेट के बल जमीन पर लेट जाए |
  • अब सांस को धीमे धीमे छोड़ते हुए घुटनों को मोड़े तथा अपने हाथ से टखनों को हलके से पकड़ ले |
  • अब आपको धीरे धीरे सांस लेते हुए अपने सिर , चेस्ट एवं जांघो को ऊपर आसमान की और धीरे से उठाना है |
  • यदि आप यह योग पहली बार कर रहे है तो जरुरी नहीं है की आप अपने शरीर को पूरी तरह से ऊपर उठा ले |
  • आप अपने शरीर के लचीलेपन के हिसाब से अपने शरीर को और ऊपर उठाने का प्रयास कर सकते हैं।
  • आपको अपने शरीर के भार को पेट के निचले हिस्से पर लेने का प्रयास करे |
  • अपने पैरों के बीच की दुरी ज्यादा न रखे, जितना हो सके उन्हें पास पास ही रखे |
  • अब उसी स्तिथ्ती में बने रहे और धीरे धीरे सांस ले और धीरे धीरे सांस को छोड़े ।
  • जब आपको सामान्य स्तिथि में आना हो तो पहले लम्बी गहरी सांस छोड़ते हुए आप सामान्य स्तिथिमें आ जाये |
  • इसे एक चक्र कहा जाता है |
  • आपको एक दिन में 3 से 5 चक्र अपने क्षमता के अनुसार करना होगा |

नौकासन प्राणायाम

नौकासन एक ऐसा आसन है जिसमे शरीर नौका के आकार का हो जाता है | नौकासन को सामान्य भाषा में बोट पोज़ भी कहा जाता है| यह बहुत ही आसान है लेकिन इसे करके आप लीवर कैंसर जैसी बीमारियों के होने के खतरे को कम कर सकते है| यह आपके लीवर को मजबूत बनाने में मदद करता है| यह पोज़ आपके लीवर को क्लीन करता है साथ ही साथ हानिकारक पदार्थो को भी बाहर निकाल देता है|

नौकासन प्राणायाम करने की विधि :-

  • इसे करने के लिए सबसे पहले श्वसन की मुद्रा में पीठ के बल लेट जाएँ और अपने दोनों पैरों को एक साथ जोड़ ले |
  • अपने दोनों हाथों को भी शरीर के समानांतर ही रखे |
  • अब अपने हाथों को पैरों कि तरफ खींचे और अपने पैरों एवं छाती को ऊपर की और उठाले |
  • आपके सर, हाथ, पैर सभी एक लाइन में सीध में ही होने चाहिए |
  • इसे करते वक्त आपके पेट की माश्पेसिया सिकुड़ेंगी जिसके चलते आपको अपनी नाभी में खींचाव महसूस होगा|
  • अब लंबी गहरी साँसे धीमे धीमे लेते रहे और इस आसन को बनाये रखें |
  • अब साँस को धीमे धीमे छोड़ते हुए ज़मीन पर आ जाएँ और विश्राम की मुद्रा बना ले |

कपालभाति प्राणायाम

कपालभाति प्राणायाम को अंग्रेजी में फोरहेड भी कहा जाता है| यह प्राणायाम कई रोगों के इलाज में बहुत फायदेमंद साबित होता है| यह आपके लीवर के स्वास्थ्य को सुधारता है और लीवर को मजबूत बनाता है | इससे कई लीवर की  समस्यायें जैसे पीलिया, हेपेटाइटिस आदि ठीक हो जाता है| यह लीवर की कई समस्याओ का उपचार करने में मददगार साबित होता है|

कपालभाती प्राणायाम करने की विधि :-

  • एक आसन बिछाकर आराम से बैठ जाएँ, और अपनी रीढ़ की हड्डी को एकदम सीधा रखे |
  • अपने हाथो को घुटनों पर रख ले , इनका मुख आकाश की और होना चाहिए |
  • अब एक लंबी गहरी साँस धीमे धीमे अंदर लें |
  • अब साँस को धीमे धीमे छोड़ते हुए अपने पेट को अंदर की ओर खींचे |
  • आप जितना हो सके अपने पेट को अन्दर की ओर खिचे , आपको इस प्रकार से पेट को अन्दर खीचना है की वह रीढ़ की हड्डी को छू ले |
  • जितना हो सके उतना ही करें, अपने शरीर के साथ ज्यादा जबरदस्ती ना करे |
  • जब आप अपने पेट की मासपेशियों को ढीला छोड़ेंगे, तो साँस अपने आप ही आपके फेफड़ों में पहुँच जाएगी |
  • इस प्राणायाम के एक राउंड को पूरा करने के लिए 20 बार साँस को छोड़े |
  • एक बारी खत्म होने के पश्चात , विश्राम करें |
  • ऐसे दो सेट पुरे करे |

ऊपर आपने जाना  खराब से खराब लीवर को भी दुरुस्त बनाते है ये 3 योगासन | इन योगासन के अभ्यास से आप अपने लीवर को हेल्थी बना सकते है | इसके अलावा गोमुखासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन भी लीवर के लिए फायदेमंद है| लीवर को स्वस्थ रखने के लिए एक्सरसाइज भी करना चाहिए| एक्सरसाइज करने से पसीना निकलता है| पसीना निकलने से शरीर की सफाई होती और लिवर पर जोर कम पड़ता है। तो दोस्तों इन प्राणायामो का प्रयोग करके आप अपने खराब से खराब लीवर को भी तंदुरुस्त और मजबूत बना सकते है |

और पढ़े – कैसे रखे अपने लीवर को स्वस्थ …

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