लो ब्लड प्रेशर- लक्षण, कारण एवं उपचार कैसे करे

आयुर्वेद

निम्न रक्त चाप या लो ब्लड प्रेशर की शिकायत सबसे ज्यादा महिलाओं में होता है| लो ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) को हाइपोटेंशन भी कहा जाता है |जब रक्तचाप 90/60 मिमी/एचजी से कम होता है तब इसे लो ब्लड प्रेशर माना जाता है| मतलब की ह्रदय , मस्तिष्क और शरीर के अन्य भागों में पर्याप्त रक्त नहीं पहुच रहा है|

लो बी पी के लक्षण –

जब ह्रदय शरीर के अंगो को पर्याप्त रक्त नहीं पहुचा पाता है, तो शरीर के अंग सही तरह से काम नहीं करते है और अस्थायी या स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते है|लो ब्लड प्रेशर ह्रदय द्वारा शरीर के अंगों में रक्त प्रबाह होने कि स्थिति पर निर्भर करता है, जैसे मस्तिष्क में रक्त अपर्याप्त रहता है तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्राप्त नहीं हो पाते है| जिस कारण लो ब्लड प्रेशर से प्रभावित व्यक्ति चक्कर आना, बेहोशी आना जैसी शिकायत करने लगता है|

  • और्थोस्टेटिक हाईपोटेंशन- लो ब्लड प्रेशर रोग में लेटने या बैठने के बाद जब हम एकाएक खड़े होते है, तो हमारा रक्त चाप कम होता है, जो हमारे शरीर में निचले हिस्से से ऊपर तक पहुचने में समय लेता है और हमें चक्कर आने लगते हैं कभी कभार बेहोशी भी आ जाती है
  • गुर्दे की बीमारी- लो ब्लड प्रेशर रोग में गुर्दे को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता और संक्रमित व्यक्ति के गुर्दे शरीर से व्यर्थ पदार्थ निकालने में विफल हो जाते है और गुर्दे अपना कार्य सही से नहीं कर पाते है| जिस कारण भी हमारा ब्लड प्रेशर लो होने लगता है|
  • शॉक- लो ब्लड प्रेशर रोग की यह एक जानलेवा स्थिति बन जाती है जिसमे लगातार कम रक्त चाप के कारण गुर्दे, यकृत, ह्दय, फेफड़े और मस्तिष्क जैसे अंग तेजी से काम करना बंद कर देते है और व्यक्ति मरने की हालत में पहुच जाता है|
  • हार्ट की बीमारी- सीने में दर्द या दिल का दोरा, (कोरोनरी धमनियों) ह्दय की मासपेशियो को रक्त प्रदान करने बाली धमनियों में रक्त प्रदान के लिए प्रेशर की कमी होना, लो ब्लड प्रेशर का कारण होता है|

   लो ब्लड प्रेशर होने के कारण –

लो ब्लड प्रेशर होने के कई कारण हो सकते है नियमित और सही से अपना ख्याल ना रखना और खाने में लापरवाही देना, नियमित रूप से व्यायाम न करना, आदि|

लगातार लम्बे समय तक खड़े होने के बाद रक्त चाप में कमी आती है| लो ब्लड प्रेशर ज्यादातर महिलाओं और बच्चों को प्रभावित करता है| यह ह्दय और मस्तिष्क के बीच रक्त संचार के समन्वय न होने के कारण होता है| कभी कभी खाने के बाद रक्तचाप में अचानक कमी आती है|

  • खून की कमी- लो ब्लड प्रेशर होने पर सर्जरी के दोरान कठिनाई होती है, गंभीर चोट या खून के आंतरिक रिसाव के कारण बहुत अधिक मात्रा में  खून बह जाता है जिससे रक्त चाप में कमी आ जाती है|
  • अंत:स्त्रावी समस्याएं- लो ब्लड प्रेशर होने का मुख्य कारण अंत:स्त्रावी विकार होता है, जिन्हें हार्मोन संबधी विकार भी कहा जाता है| अंत:स्त्रावी समस्या तब होती है जब शरीर में बहुत अधिक या बहुत कम हार्मोन बनते है| कुछ हार्मोंस सम्बन्धी समस्याएं एडिसन रोग, शुगर की कमी, लो ब्लड प्रेशर का भी कारण होती हैं|
  • निर्जली करण– लो ब्लड प्रेशर निर्जली करण से भी हो सकता है| थोड़े बहुत निर्जली करण से चक्कर आना और कमजोरी होने सम्बन्धी शिकायत होती है, लेकिन गंभीर निर्जली करण हाई पोवेल्मिक शॉक नामक रोग बनाता है| यह स्थिति तब होती है जब शरीर में रक्त की कमी के कारण रक्तचाप में अचानक गिरावट आती है| जिससे ऊतको और अंगो तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुच पाती है|
  • पोषण संबधी कमियां- लो ब्लड प्रेशर रोग में लोगों में विटामिन बी -12 और फोलिक एसिड की कमी हो जाती है| जिस कारण उन्हें एनीमिया नामक बीमारी  हो सकती है| शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाना भी लो ब्लड प्रेशर का कारण बनता है|

लो ब्लड प्रेशर के उपाये –

लो ब्लड प्रेशर होने पर आपको तत्काल अपने डॉक्टर से जाच करानी चाहिए और नियमित उनकी सलाह भीलेते रहनी चाहिए| क्यों की आमतौर पर लो ब्लड प्रेशर होने पर डाक्टर हमे अपने खाने में सावधानियां बरतने के लिए बोलते है|साथ में नमक को सीमित और सही मात्रा में खाने की सलाह देते है जो कि लो ब्लड प्रेशर के लिए बहुत फायदेमंद होता है| अगर इसकी मात्रा बढ़ जाये, तो यह हमारे शरीर में सोडियम रक्त चाप को बड़ा देता है, जो की हानिकारक हो सकता है|

  • लो ब्लड प्रेशर ह्रदय की गति और साँस लेने के क्रम में रक्तचाप का बिश्लेषण करके, तंत्रिका तंत्र के कार्य को प्रभावित करता है | लो ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर आप एक गहरी साँस ले और अपने मुह से हवा को निकालते रहें| ऐसा करने से लो ब्लड प्रेशर थोडा कम हो जायेगा, और आपको अपने डॉक्टर के पास जाने का समय मिल जायेगा|
  • लो ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा पानी, जूस या तरल पदार्थो का सेवन करना चाहिए| क्यों की द्रव पदार्थ रक्त में मिल जाते है| जिससे रक्तचाप में कमी नहीं आती है|
  • लो ब्लड प्रेशर बाले लोगो को ज्यादा देर बैठने के बाद खड़े होने पर या सो कर उठने पर रक्तचाप की कमी महसूस होती है| इसके लिए बीमार व्यक्ति द्वारा कई दबा का उपयोग किया जा सकता है| दवा लेने से पूर्व कृपया आप अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लेना सुनिश्चित करें|एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार सामान्य रूप से लो ब्लड प्रेशर की अवस्था में बहुत से लोग इसके इलाज के लिए ओर्विटन नमक दबा का उपयोग करना पसंद करते है| यह आपकी रक्त वाहिकाओ को विस्तार करने में मदद करता है और लो ब्लड प्रेशर को भी नियमित रखता है|
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