मसूडो की बीमारी (पायरिया) से कैसे निजात पाए

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मसूडो की बीमारी (पायरिया) से कैसे निजात पाए

पायरिया को मसूडो की बीमारी भी कहा जाता है| यह मसूडो का एक गंभीर संक्रमण होता है| यह दांतों को सहारा प्रदान करने वाली हड्डियों और मसूडो से जोड़ते है, में संक्रमण, सूजन व लालामी पैदा कर देता है| यह संक्रमण एक बेक्टेरिया के कारण होता है| जो आपके दांतों व मसूडो में जमा होते है| जैसे ही पायरिया बढने लगता है जिससे दांतों की हड्डिया क्षतिग्रस्त होने लगती है| अगर समय रहते पायरिया का इलाज न किया जाये तो यह मसूडो को कमजोर कर देता है| कुछ घरेलू उपायों से आप पायरिया को दूर कर सकते है|

मसूडो की बीमारी (पायरिया) के प्रकार :-

  • दीर्धकालिक पायरिया :– यह मसूडो की बीमारी का सबसे सामान्य प्रकार होता है| इसमें दांतों को चारो तरफ से सहारा देने वाले नरम उतक व हड्डियों में क्षति होने लगती है| इसमें दांतों में क्षति आक्रामक पायरिया के मुकाबले धीरे धीरे होती है|
  • किसी प्रणालीगत रोग के लक्षण के रूप में पायरिया :- यह अक्सर किसी अन्य बीमारी के साथ संयोजक रूप में होता है|
  • नेक्रोटाईजिग पीरियोडॉनटल रोग :- यह पायरिया का एक गंभीर रूप होता है| इसके कारण मसूडो के ऊतक, दांतों के गिलामेंटस और यहा तक की हड्डिया भी नष्ट होने लगती है| जो लोग कुपोषण से गुजर रहे है| या जिनको एचआईवी – एड्स है| वे लोग आसानी से इस रोग की चपेट में आ सकते है|

मसूडो की बीमारी (पायरिया) के लक्षण :-

इसके शुरूआती लक्षण मसूडो की सूजन जैसे होते है| दांतों को कम सहारा मिलने के कारण दांत ढीले हो जाते है| और अंत में गिरने लगते है| वयस्कों के दांत गिरने का मुख्य कारण पायरिया ही होता है| मसूडो की यह बीमारी छोटे बच्चों को कम होती है| लकिन किशोरावस्था की उम्र में इसके विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है|

  • कुछ खाने, चबाने के समय दर्द होना |
  • मसूडो में सूजन आना |
  • मसूडो पर हाथ लगाने पर दर्द महसुस होना |
  • मसूडो का रंग लाल – बैगनी हो जाना |
  • मसूडो से आसानी से खून बहना या हल्के ब्रश करने पर भी खून आना |
  • मुह का स्वाद बिगड़ना |
  • सांस के साथ मुह से बदबू आना (मुह की बदबू) |
  • दांतों का हिलना शुरू होना |

मसूडो की बीमारी (पायरिया) से बचाव :-

जब उचित प्लेक कंट्रोल किया जाता है| तब लगभग सभी मामलो में मसूडो की सूजन को कम किया जा सकता है| और मसूडो की बीमारी को रोका जा सकता है|

  • खाने में मीठे व पेय पदार्थो का सेवन कम करे|
  • फ्लोराइडयुक्त टूथपेस्ट के साथ अपने दांतों व मसूडो को दिन में दो बार ब्रश करे |
  • दांत दबाने या पिसने की आदत से बचे, ऐसा करने से दांतों को सहारा देने वाले ऊतको पर दबाव पड़ता है| जिससे ऊतको के नष्ट होने की संभावनाए बढ़ जाती है |
  • पायरिया विकसित करने में तंबाकू को एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक के रूप में जाना जाता है| धुम्रपान ना करने वाले के मुकाबले धूम्रपान करने वालो में मसूडो की बीमारी होने के जोखिम अधिक होते है |
  • उचित पोषण संक्रमण से लड़ने में आपको प्रतिरक्षा प्रणाली की मदद करता है| इसलिए अपने आहार में विटामिन सी और विटामिन ई को शामिल करना चाहिए, जो ऊतको की मरम्मत करने में आपकी मदद करते है |

मसूडो की बीमारी (पायरिया) का उपचार

आप अपने मुह के अन्दर से बेक्टेरिया को कैसे कम कर सकते है| इसमें दांत व मसूड़े आदि साफ रखना शामिल होता है| पायरिया के उपचार का मुख्य लक्ष्य दांतों और मसूडो में जमे हुए प्लेक तथा बैक्टेरिया को निकालना होता है|

  • पायरिया के उपचार में अमरुद खाने से भी फायदा मिलता है| इसमें विटामिन सी होता है, कच्चे अमरुद में नमक लगा कर खाए |
  • ब्रश करने के बाद थोडा सा नमक सरसों के तेल में मिलाकर उगली से दांतों और मसूडो पर हल्की मालिश करने पर मसूडो से खून आना बंद हो जाता है|
  • नीम की पत्तियों को जला ले, फिर उसकी राख, थोडा सा कपूर, और कोयले का चुरा इस तीनो को अच्छे से मिला ले, और रात को सोने से पहले मसूडो पर लगाने से मवाद आना बंद हो जायगा और खून भी नहीं निकलेगा|
  • पायरिया में आप हफ्ते में तीन या चार बार नीम की दातून भी कर सकते है| इससे बहुत फायदा होगा|
  • चुटकी भर हल्दी नमक में मिलाकर सरसों के तेल की कुछ बूद मिला ले, फिर दांतों पर हल्की मालिश करे और १५ मिनट तक कुल्ला न करे, और मुह में जो लार बने उसे बहार थूकते रहे, बाद में कुल्ला कर ले, यह प्रकिया बहुत लाभदायक है|

अगर संक्रमण सफाई से ठीक नहीं हो रहा है, तो कुछ मामलो में डेंटिस्ट मरीज के लिए एंटीबायोटिक्स लिखते है| एंटीबायोटिक दवाओ को माउथवाश, जैल, खाने की टैबलेट या कैप्सूल के रूप में दिया जाता है|

 

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