नींद में चलने की बीमारी का घरेलु इलाज – HOME TREATMENT OF SOMNAMBULISM IN HINDI

नींद में चलने की बीमारी का घरेलु इलाज - HOME TREATMENT OF SOMNAMBULISM

दोस्तों नींद में चलने की बीमारी का घरेलु इलाज पता होना जरुरी होता है क्युकी कई बार देखा जाता है की बहुत से लोगो को रात में सोते समय चलने की समस्या हो जाती है जो कई बार नींद में देख रहे सपने के कारण या तो कभी कभी किसी चिंता के कारण भी शुरू हो जाती है |इस समस्या के कारण रोगी चलते चलते कई बार तो घर से भी बहार चला जाता है और सबसे हैरानी की बात तो यह होती है की उन लोगो को पता भी नहीं चलता है की वो कंहा है और क्या कर रहे है | कुछ लोगो द्वारा इसे उपरी चक्कर या भूत आदि का नाम दे दिया जाता है जबकि वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं होता है |

नींद में चलना क्या है –

दोस्तों नींद में चलने की बीमारी लाखो में एक इंसान को होती है इस बीमारी में इंसान सोने के दौरान भी चलने लगता है| यह बीमारी बड़ो की तुलना में बच्चों में बहुत अधिक होती है । सामान्यतः ये बीमारी उन लोगों को होती है जिनकी नींद पूरी नहीं हो पाती। इसमें आश्चर्य की बात तो यह है की वह सामान्य इंसानों की तरह कई कामो को बहुत ही आसानी से कर लेता है लेकिन दुःख की बात तो यह है की नींद में किये गए इन कामो को दिमाग याद नहीं रख पाता है यह अजीब बीमारी होती है जो शरीर के स्नायु वाले भाग में गड़बड़ी की वजह से होती है | वैसे तो ये बीमारी समय के साथ खुद ही ठीक हो जाती है लेकिन इसके ठीक होने से पूर्व बहुत अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। क्योंकि नींद में चलते समय व्यक्ति नींद में होता है ऐसे में दुघटना की संभावना काफी बढ़ जाती है।

नींद में चलने के कारण और लक्षण –

बड़ों और बच्चों में नींद में चलने की बीमारी के लिये जिम्मेदार कारण निम्नलिखित होते है।

  • नींद पूरी नहीं हो पाना |
  • चिड़चिड़ापन बाद जाना |
  • अवसाद से ग्रषित रहना |
  • स्पेशल दवाओ का उपयोग करना |
  • शराब का सेवन अधिक मात्रा में करना |
  • व्यक्ति की चिकित्सीय स्थिति ठीक न रहना |
  • व्यक्ति की मानसिक समस्याएं बढ़ जाना |
  • समस्या अनुवांशिक भी हो सकती  है।

बीमारी के लक्षण – 

नींद में चलने वाले रोगी को  देखकर ऐसा लगता है की वो जगा हुआ है जबकि वो सोया हुआ होता  है। इस समस्या के होने पर व्यक्ति अपने बिस्तर के आस पास ही चलता है साथ ही कुछ विभिन्न क्रियाएं भी करता है। यदि उन लोगो को जगाया नहीं जाए तो वे नींद में चलते चलते अलग और किसी और जगह पर जाकर वापस सो जाते है।

बीमारी की पहचान –

सामान्य तौर पर घर के परिजन बच्चों की इस बीमारी की पहचान करते है जबकि बड़े ऐसी घटनाओं को ध्यान रखकर स्वयं ही इस बीमारी की पहचान कर लेते है। यदि नींद में चलने की घटनाएं बार बार हो रही है तो डॉक्टर से मिलें और मानसिक व् शारीरिक परिक्षण करवाएं।

बचाव के उपाय –

  • अवसाद-रोधकों और शराब के सेवन से दूर रहें।
  • तनाव , विवाद या क्रोध से दूर रहे क्योंकि ये बीमारी को बढ़ा सकते हैं।
  • अनिद्रा से बचें, नींद में खलल न आने दें।

नींद में चलना कोई बड़ी बीमारी नहीं है। डॉक्टर के पास केवल तभी जाए जब या तो नींद में चलना लगातार जारी है या कोई नींद में चलने के दौरान खतरनाक कार्यवाही (गाड़ी चलाना) करने लगे।
यदि आवश्यक हो तो नींद में चलने वाले को जगा सकते हैं , जागने के बाद थोड़ी देर के लिए भटके हुए या भ्रमित हो सकते हैं। लेकिन बाद में सब नार्मल हो जाएगा।

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अगर आप भी इस बीमारी से परेशान है तो आज हम आपको इस बीमारी से छुटकारा दिलाने वाले आसान से उपाय बतायेंगे जिनका प्रयोग करके आप नींद में चलने की बीमारी की समस्या को आसानी से समाप्त कर सकते है  तो आइये जानते है बो कुछ घरेलु उपाय –

नींद में चलने की बीमारी का घरेलु इलाज –

ब्राह्मी का प्रयोग  –

ब्राह्मी नींद में चलने की बीमारी को 100 % तक खत्म करने में सहायक होता है इसके लिए ब्राह्मी बच और शंखपुष्पी समान मात्रा में ले ले तथा उसे लगातार 24 घंटे तक सूखने के लिये छोड़ दे अब इसको चूर्ण बनाकर इसमें एक चमच्च देशी घी और शहद मिलाकर मिश्रण बना ले और दिन में दो बार इसका सेवन करें इसका रोजाना नियमित रूप से सेवन करने से रोगी की नींद में चलने की समस्या पूरी तरह से समाप्त हो जाती है |

नारियल का प्रयोग –

नींद में चलने की बीमारी से परेशान रोगी को रोजाना नियम से सुबह शाम नारियल का पानी पिलाना काफी फायदेमंद माना जाता है नारियल पानी में पाये जाने वाले एंटी-ओक्सिडेंट इस भयंकर बीमारी को समाप्त करने में सक्षम होते है | इसलिये इसका नियमित रूप से सेवन करने से बीमारी का निदान आसानी से हो जायेगा और आने वाले समय में इस बीमारी के कारण आने बाली खतरनाक दुर्घटना से रोगी हमेशा के लिए पूरी तरह से सेफ हो जायेगा |

शहद का प्रयोग –

नींद में चलने वाले रोगी की नींद में चलने की समस्या को पूरी तरह से समाप्त करने में शहद एक आयुर्वेदिक औषधि की तरह  काम करता इसके प्रयोग के लिए 10 ग्राम पोस्ता के दाने लेकर उसमे दो बड़े चमच्च शहद मिला दे और अच्छे से मिलकर मिश्रण बना ले और जब भी रोगी सोने के लिए जाए उसे इस मिश्रण का कुछ हिस्सा खिला दे यह उपाय नियम से रोजाना दिन में दो बार करे जल्द ही रोगी को नींद में चलने की समस्या से आसानी से छुटकारा मिल जाता है |

देशी घी का प्रयोग –

देशी घी जैसी सामान्य चीज़ जो हर घर में आसानी से मिल जाता है खाने में हेल्थी होने के साथ साथ इस भयंकर बीमारी को दूर करने में भी काफी फायदेमंद होता है सबसे पहले गाय का बिना पानी मिला दूध ले उसमे देशी घी , पीसी हुई मिश्री मिला दे और 5 से 6 ग्राम अश्वगंधा को अच्छी तरह से पीस कर के मिला ले इसी तरह का घोल / मिश्रण रोजाना नियम से दिन में दो बार बनाकर रोगी को पिलाने से रोगी को नींद में चलने की समस्या से आसानी से पूरी तरह से छुटकारा मिल जाता है लगातार कुछ दिनों तक इस घोल को पिलाते रहने से रोगी को भविष्य में दुबारा इस समस्या से ग्रसित होने की संभावना भी पूरी तरह से समाप्त हो जाती है |

जटामासी का प्रयोग –

जटामासी एक गरम मसाले में पाया जाने बाला पदार्थ होता है जो की आज के  समय में लगभग सभी के घरो में पाया जाता है | गर्म मसाले में पाया जाने बाला यह पदार्थ बड़े ही काम का मसाला होता है | नींद में चलने की बीमारी से परेशान रोगी को रोजाना नियम से दिन में दो बार लगभग 1 से 2 ग्राम जटामासी को चबाकर खाना चाहिये यह नींद में चलने की समस्या को ख़त्म करने के लिए रामबाण की तरह काम करता है और नींद में चलने की समस्या को जड़ से समाप्त करने में मदद करता है|

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