जानिये गठिया रोग में परहेज, कारण और लक्षण एवं उपचार|

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गठिया रोग को आर्थराइटिस के नाम से भी जाना जाता है जो जोड़ो के दर्द (Pain)  से जुड़ा एक रोग है और ज्यादातर अधिक उम्र के लोग इससे प्रभावित होते है अगर सही तरीके से गठिया (Arthritis) रोग का उपचार  (treatment) किया जाये तो इसके दर्द (Pain) से छुटकारा पाना आसान है कुछ लोग गठिया (Arthritis) के दर्द  (Pain) के इलाज की दवा भी लेते है पर हम घर पर भी घरेलु उपाय और देशी आयुर्वेदिक नुस्खो (Arthritis Cure Ayurveda) द्वारा गठिया रोग का उपचार (treatment) आसानी से कर सकते है लेकिन इसके लिये जरुरी है की हमे गठिया रोग के लक्षण और कारण का पता होना चाहिये |

 गठिया  रोग के कारण और लक्षण (Arthritis Symptoms) –  

  • घुटनों पर सुजन आना |
  • घुटनों में दर्द(Pain) होना |
  • पैरो के पंजे दर्द(Pain) होना |
  • उंगलियों के जोड़ो में दर्द(Pain) होना |
  • कंधो में दर्द(Pain) महसूस होना |
  • अधिक तला भुना खाना खाने से |
  • त्वचा या खून की बीमारी होने पर |
  • मांसपेशियों में कमजोरी |
  • नींद कम आना |
  • बुखार आ जाने पर |

इन लक्षणों व कारणों को पहचान कर आप गठिया रोग से बचाव कर सकते है |

गठिया (Arthritis) रोग के घरेलु उपचार (Arthritis Treatment) के तरीके (Arthritis Cure Ayurveda)-

सरसों का तेल (Sarso Ka Tel) –

गठिया रोग और जोड़ो के दर्द (Pain)को ठीक करने के लिये सरसों के तेल (Sarso Ka Tel) की मालिश करना काफी फायदेमंद माना जाता है |

हल्दी द्वारा (Haldi)-

हल्दी (Haldi) का नियमित सेवन करने से इन्फ्लामेशन  (Inflammation) और सुजन कम होती है इसमे करक्यूमिन कंपाउंड पाया जाता है जो जोड़ो के दर्द (Pain) में फायदेमंद होता है |

सेंधा नमक (Sendha Namak)-

सेंधा नमक (Sendha Namak) मैग्नीशियम का एक अच्छा स्त्रोत है मैग्नीशियम (magnesium) शरीर के पी.एज मान को ठीक करता है जो गठिया (Arthritis) रोग जैसी बीमारी से बचने के लिये आवश्यक है |

दालचीनी (Dalchini)-

दालचीनी (Dalchini) में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ओक्सिडेंट प्रॉपर्टीज होती है जो गठिया (Arthritis) के दर्द (Pain) में राहत प्रदान करती है |

मछली का तेल (Fish Oil)-

मछली के तेल (Fish Oil) में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होती है जो शरीर में इन्फ्लामेशन (Inflammation) और दर्द (Pain)को कम करने में मदद करता है |

अल्फ्ला (Alfalfa)-

अल्फ्ला (Alfalfa) को अल्फा-अल्फा और रिजका भी कहते है इसमे मिनरल्स (Minerals) भरपूर मात्रा में होते है जो पी.एज लेवल (PH level) को ठीक रखने में भी मदद करते है |

बोरेज सीड आँयल (Borage Oil)-

बोरेज सीड आँयल (Borage Oil) में एंटी- इन्फ्लामेटरी प्रॉपर्टीज (Anti-inflammatory) होती है जो गठिया के लक्षणों को कम करने में मदद करती है |

अदरक(Adrak)-

अदरक भी गठिया के उपचार (treatment)  में फायदेमंद होता है क्योकि इसमे एंटी-इन्फ्लामेटरी(Anti-inflammatory) प्रॉपर्टीज होती है |

तो इन उपायों का प्रयोग कर आप गठिया  रोग जैसी समस्या से आसानी से छुटकारा पा सकते है |

 

और पढे – (पैरो के तिरछेपन का इलाज)

 

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