गोखरू को प्रयोग करने के लाभकारी फायदे - Benefits Of Using Gokhru In Hindi

गोखरू को प्रयोग करने के लाभकारी फायदे – Benefits Of Using Gokhru In Hindi

जड़ी बूटी

मानव की उत्पत्ति के समय से ही प्रक्रति ने कई जड़ी बूटियों को उत्पन्न किया है जिनका प्रयोग करके मानव अपने शरीर को स्वस्थ और निरोगी रख सकता है | गोखरू भी इन्ही जड़ी बूटियों में से एक है जिसका प्रयोग सदियों से मानव शरीर को स्वस्थ बनाने में किया जाता है | गोखरू वात, पित्त और काफ के इलाज में लाभकारी होता है | आयुर्वेद में कहा गया है की जिस जड़ी बूटी का आकार जिस अंग की तरह होता है वह जड़ी उसी अंग को स्वस्थ बनाने में लाभदायक होती है | गोखरू का आकार गुर्दे और मूत्राशय के आकार का होता है जिससे गोखरू गुर्दे की बीमारियों और मूत्र विकारों को दूर करने में लाभकारी होता है |


गोखरू के लाभकारी फायदे

गोखरू पूरे शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी होता है ये प्रजनन अंगो के लिए रामबाण की तरह काम करती है | गोखरू प्रजनन अंगो को मजबूत बनाकर बांझपन की समस्या को समाप्त कर देता है | गोखरू बॉडी को मजबूत बनाकर त्वचा में चमक और ग्लो को बदने में बहुत ही असरदार होती है | मगर गोखरू को प्रयोग करने से पहले इसकी सही मात्रा और प्रयोग करने के तरीके के बारे में डॉक्टर से परामर्श जरूर कर ले क्योंकि गोखरू का अत्यधिक और लगातार सेवन नुकसानदायक हो सकता है |

मूत्र विकारो में लाभकारी

गोखरू में एंटीलिथियेटिक गुण भरपूर मात्रा मे पाए जाते है जिससे इसे मूत्र प्रणाली की समस्यायों में कायाकल्प जड़ी माना जाता है | गोखरू मूत्र प्रणाली से जुडी समस्याओं को दूर करके मूत्र के प्रवाह को स्वस्थ बनाये रखता है | गोखरू मूत्राशय और गुर्दों को स्वस्थ बनाकर इनमे होनी बाली समस्याओ से सुरक्षा करता है | यह मूत्र प्रवाह के समय होने बाली जलन और दर्द को दूर करता है साथ में मूत्र नली होने बाले संक्रमण, मूत्राशय में होने बाली पथरी और बड़ी हुई पौरुष ग्रंथि के उपचार में भी लाभदायक होता है | गोखरू पेशाब में आने बाले खून को रोकने मेंभी लाभदायक होता है |

यौन रोगों में लाभकारी

गोखरू प्राकर्तिक रूप से कामेच्छा यानी की सेक्स करने की चाहत को बढाने के लिए कामोद्दीपक के रूप में काम करता है | गोखरू कामोत्तेजना को बढाने के साथ वीर्य की मात्रा को बढाने और उसकी गुणवत्ता को सुधारने का भी काम करता है | गोखरू यौन अंगो की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर रक्त के प्रवाह को नियंत्रित करता है जिससे यह यौन अंगो में होने बाले रोगों जैसे – पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि, इरेकटाइल डिसफंकशन, वांझपन और इन्फेक्शन से भी सुरक्षा करता है | यह यौन अंगो में उत्तेजना उत्पन्न करने के साथ शुक्राणुओं के उत्पादन को बढाकर नपुंसकता को भी दूर करता है | गोखरू पुरुष और महिलाओं दोनों के लिए ही कामोत्तेजना का काम करता है जिससे यह महिलाओं में प्रजनन क्षमता के साथ स्तनपान कराने की क्षमता को भी बढाता है |

गठिया के इलाज में लाभदायक

गोखरू गठिया के उपचार में प्राक्रतिक उपचार होता है यह जोड़ो में होने बाले मांसपेशियों के दर्द और सूजन को कम करता है और एनर्जी प्रदान करता है | गोखरू में मांसपेशियों को मजबूत बनाने बाले सभी गुण बहुत अच्छी मात्रा में पाए जाते है जिसकी बजह से यह गठिया के उपचार में लाभकारी होता है |

गठिया रोग में गोखरू के फल के चूर्ण को अदरक के चूर्ण के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर पानी में डालकर उबाल ले फिर इस उबले हुए पानी को 100 मिलीलीटर की मात्रा में प्रतिदिन नियम से सुबह खाली पेट सेवन करने से 6 हफ्तों में फायदा मिल जाता है | सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरुर कर ले |

बॉडी को एनर्जी देने में लाभदायक

गोखरू को अकेला या फिर किसी सप्लीमेंट के साथ मिलाकर प्रयोग करने से यह शरीर को एनर्जी प्रदान करता है जिससे शरीर एक्टिव रहता है | कई खिलाड़ियों द्वारा खेल में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए गोखरू का सेवन किया जाता है | डॉक्टर से परामर्श करके ही इसका सेवन करें |

मांसपेशियों को मजबूत बनाये गोखरू

गोखरू में मांसपेशियों को मजबूत बनाने बाले सभी बहुत अच्छी मात्रा में पाए जाते है जिसकी वजह से यह जोड़ो की मांसपेशियों में जकडन से होने बाले दर्द और सूजन को खत्म करने में लाभकारी होता है | गोखरू ग्रधसी की समस्या से होने बाले दर्द और सूजन को ठीक करने में भी बहुत ही लाभकारी होता है | इसका सेवन डॉक्टर से परामर्श करके ही सेवन करें |

 गोखरू त्वचा रोगों में फायदेमंद है

गोखरू में त्वचा को स्वस्थ बनाकर उसे सभी बीमारियों से दूर रखने में फायदेमंद गुण बहुत ही अच्छी मात्रा में होते है | गोखरू त्वचा में होने बाली खुजली, जलन और सूजन को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है | यह कीटाणु व् वायरस को ख़त्म करता है और त्वचा से झुर्रियों को भी दूर करने में मदद करता है | त्वचा सम्बन्धी समस्या होने पर गोखरू के सेवन से पहले इसकी सही मात्रा और सेवन के तरीके के बारे में डॉक्टर से परामर्श जरुर कर लें |

गोखरू से होने बाले नुकसांन

गोखरू को बहुत सी बिमारियों के उपचार में प्रयोग किया जाता है मगर इसके कुछ नुक्सान भी होते है जो अधिक मात्रा में या सही तरीके से प्रयोग ना करने के कारण उत्पन्न होते है | सामान्यतः एक दिन में गोखरू की तीन ग्राम से अधिक मात्रा का सेवन नहीं करना चाहिये | गोखरू को सेवन करने की मात्रा आपके स्वास्थ और बीमारी के आधार पर किया जाता है | इसलिए जब भी गोखरू का सेवन करे तो अपने डॉक्टर से इसके प्रयोग करने का तरीका और प्रयोग करने की मात्रा के बारे में परामर्श कर लेना चाहिए |

  • स्तन कैंसर और पौरुष ग्रंथि बढ़ जाने की समस्या बाले मरीजो को गोखरू का सेवन करना नुक्सान दायक साबित हो सकता है |
  • गर्भावस्था में महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए |
  • बच्चो को स्तनपान कराने बाली महिलाओं को गोखरू का सेवन करने से बचना चाहिए |
  • रक्तचाप और सुगर की समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श करके ही गोखरू का सेवन करना चाहिए |
  • गुर्दे और पीलिया की बीमारी से ग्रस्त रोगियों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए | गोखरू गुर्दे की बीमारी को बाधा सकता है |
  • गोखरू को ज्यादा मात्रा में सेवन करने से यह नींद और पाचन तंत्र के लिए नुक्सानदायक हो सकता है |
  • महिलाओं को पीरियड्स के समय में गोखरू का सेवन डॉक्टर से परामर्श करके ही सेवन करना चाहिए |

गोखरू की तासीर व् प्रयोग करने का तरीका

“किसी भी चीज़ की अति करना नुकसानदायक होता है” बाली कहावत गोखरू पर बिलकुल सही फिट होती है | कई बीमारियों के उपचार में प्रयोग किये जाने बाले गोखरू की तासीर गर्म होती है | इसकी वजह से इसका सेवन एक नियमित मात्रा में ही करनी चाहिए क्योंकि गोखरू को अधिक मात्रा में सेवन करने से यह नुकसान दायक हो सकता है | गोखरू का सेवन एक दिन में 3 ग्राम से अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए | इसका सेवन विभिन्न रोगों में विभिन्न मात्रा में कई तरीको से किया जाता है | इसीलिए गोखरू का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना बहुत जरूरी होता है |

 

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