एनल फिशर का कैसे करे घरेलु उपचार

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एनल फिशर का कैसे करे घरेलु उपचार

आमतोर पर लोग गुदा अर्थात एनल संबधी किसी भी समस्या को बवासीर मान लेते है| लेकिन एनल से संबधित हर समस्या बवासीर नहीं होती है| जिसे आप बवासीर समझने की गलती कर रहे हो, वह एनल फिशर भी हो सकता है| कब्ज से पीड़ित लोगो को इस बीमारी के होने का खतरा अधिक होता है| क्यों की कब्ज की स्थिति में कठोर मल गुदा के अस्तर में दरार का कारण बन सकता है| बड़ी दरारें होने पर इनसे खून भी आ सकता है| और ये लगातार होने वाले दर्द, जलन और असहजता का कारण बन सकती है| कुछ घरेलू उपचार की मदद से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है| तो चलिए जाने कैसे करे एनल फिशर का घरेलू उपचार |

१. जैतून का तेल

जैतून के तेल में स्वस्थ वसा काफी मात्रा में होती है| जो की मल त्याग को आसान बनाती है| इसके साथ साथ सूजन व जलन और एनल फिशर के कारण होने वाला दर्द कम करता है|

उपयोग : 2 चम्मच जैतून का तेल, 1 चम्मच शहद और कुछ मोम के टुकड़े ले, अब इन तीनो को एक कटोरे में डाल कर गर्म करे जबतक मोम न पिघल जाये, फिर ठंठा करके प्रभावित जगह पर लगायें| ऐसा दिन में 4 – 5 बार करने से आराम मिलेगा|

२. एलोवेरा

एलोवेरा में दर्द से राहत देने वाले गुण होते है| जो एनल फिशर के लक्षणों को कम करता है| और क्षतिग्रस्त त्वचा ऊतको की मरम्मत में सहायक होते है|

उपयोग : एक एलोवेरा के पत्ते को काट ले, और उसके बीच से टुकड़े कर ले| फिर एक चम्मच की मदद से उसका जेल निकाल कर प्रभावित जगह पर लगायें| दिन में कई बार इसका उपयोग करे|

३. नारियल का तेल

नारियल तेल आसानी से त्वचा में प्रवेश कर जाता है| यह एनल फिशर के लिए असरदार घरेलू उपाय है| और साथ ही प्रभावित क्षेत्र को चिकनाई प्रदान कर घाव भरने की प्रकिया में लाभदायक होता है|

उपयोग : गुदा को दबाने वाला अंग पर दिन में 3 से 5 बार नारियल तेल लगाए| क्रोनिक फिशर होने पर इसे दिन में एक घंटे के अन्तराल में कई बार लगते रहना चाहिए| अगर आप कब्ज और पाचन समस्या से पीड़ित है, तो नारियल तेल को आप अपने खाने में शामिल करे|

४. हॉट बाथ

एनल फिशर के कारण होने वाली असुविधा को कम करने के लिए हॉट बाथ ली जा सकती है| इससे गुदा क्षेत्र में रक्त प्रवाह को सुचारू करने में मदद मिलती है, जिससे मामूली दरारों और ऊतको के विभाजन को ठीक करने में सहायता मिलती है| यह दर्द, सूजन और खुजली को भी कम करने में मदद करता है|

उपयोग : एक बड़े बाथ टब को गुनगुने पानी से भर लीजिये, अब इसमें लैवेंडर तेल की कुछ बूदे डाले और अच्छी तरह मिला ले, फिर 20 से 25 मिनट के लिए कमर के बल बाथटब में बैठे| इस बाथ को दिन में 3 से 4 बार ले, आपको बहुत फायदा मिलेगा|

कई बार एनल कैनाल के आसपास के हिस्से में दरारे जैसी बन जाती है| इसी को फिशर कहा जाता है| ये दरारे मामूली या बड़ी हो सकती है| फिशर होने का मूल कारण मल का सख्त और कब्ज होना होता है| इससे बचने के लिए हमे भोजन संबधी आदतों में ऐसे कुछ सुधार करने होने जिससे पेट साफ रहे, और कब्ज भी न हो |

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