एड्स का सफल इलाज कैसे करे ?

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एड्स का सफल इलाज

एड्स का सफल इलाज जानने के लिये चिकित्सा के क्षेत्र में कई रिसर्च होते रहते है | एड्स यानि की एक्वार्ड इमुयोनो डिफीशियंसी सिंड्रोम एक लाइलाज बीमारी है | इसके होने का प्रमुख कारण अति सूक्ष्म एच् आई वी रेट्रोवायरस है जो दो प्रकार का होता है | टाइप 1 , टाइप 2 ये वायरस शरीर की रक्षा करने वाली स्वेत ब्लड सेल्स को नष्ट कर देता है | जिससे शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता खत्म हो जाती है और वो एड्स जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो जाता है | एड्स का अभी तक कोई निश्चित इलाज नहीं खोजा जा सका है मगर कई वैज्ञानिक और डॉक्टरो द्वारा समय समय पर इसके इलाज खोज लेने का दावा किया जाता रहा है तो आइये जानते एड्स के इलाज से जुड़े डॉक्टरो द्वारा किये गये कुछ दावे –

एड्स का सफल इलाज – 2017

एड्स का सफल इलाज – 2017 में जानने के लिये यूके की पांच यूनीवर्सिटीज के डॉक्टरो की एक टीम ने मिलकर एच् आई वी जैसे लाइलाज गंभीर वायरस को मनुष्य के शरीर से जड़ से समाप्त करने को एक मेडिकल ट्रायल का आयोजन किया था जिसमे एक 44 वर्ष के व्यक्ति का एच् आई वी एड्स का सफल इलाज किया गया था और यह इतिहास के पहले ऐसे व्यक्ति बन गये जिनके शरीर से एड्स वायरस का सफाया पूरी तरह से कर दिया गया है |

इस रिसर्च पर काम कर रहे डॉक्टरो का कहना है की इस नये रिसर्च से पुराने थेरपी को थोडा सा अलग तरह से डिजाईन किया गया था जिससे मरीज के शरीर से वायरस को आसानी से समाप्त किया जा सका है | रिसर्च कर रहे डॉक्टरो ने बताया की एच् आई वी वायरस के इलाज के लिए जिस एंटी रेट्रोवियल थेरपी का इस्तेमाल किया जाता था उसमे सिर्फ शरीर में मौजूद टी कोशिकाओं को ठीक किया जाता था जो की इस वायरस की वजह से संक्रमित न हो पाये लेकिन इस थेरपी से वायरस पूरी तरह हट नहीं पाता था इसलिये इस नयी थेरपी का निर्माण किया गया है जिससे की इस वायरस से संक्रमित रोगी पूरी तरह से ठीक हो जाये |

एड्स का सफल इलाज – 2019

यूके में एड्स का सफल इलाज खोजने के लिये एक नयी थेरपी की खोज की गई थी अब उसे और प्रभावी बनाने के लिये रिसर्च कर रहे डॉक्टरो ने दावा किया है की उन्होंने इस थेरपी में कुछ और बदलाव किये जिससे इसे और प्रभावी बनाया जा सके |

डॉक्टरो के अनुसार अब यह थेरपी दो स्टेज में काम करेगी पहले यह शरीर में मौजूद एच् आई वी से प्रभावित कोशिकाओं की पहचान करेगी और फिर इन कोशिकाओ को संक्रमण से मुक्त करने के लिये वैरिनोस्टोट नाम की दवा का प्रयोग किया जायेगा जो खराब हो चुकी टी कोशिकाओं को फिर से ठीक करने का काम करेगी और संक्रमण को जड़ से समाप्त करेगी |

जिससे हमारे शरीर में एच् आई वी वायरस के कारण खत्म हो चुकी वाइट ब्लड सेल्स फिर से बनना शुरू हो जायेगी और इन पर संक्रमण का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा |

इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता जो की एच् आई वी वायरस के संक्रमण के कारण बिल्कुल समाप्त हो चुकी थी जो इम्यून सिस्टम को कमजोर बंनाने का कारण है वह समाप्त हो जायेगी और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता फिर से बड जायेगी |

इस तरह यह इम्यून सिस्टम को इस वायरस से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है इसलिये माना जा रहा है की एड्स का सफल इलाज – 2019 में हो पाना संभव हो पायेगा |

एच् आई वी का इलाज – 2020

वैज्ञानिको की एक टीम ने एक ऐसा जेनेटिक तरीका खोज निकाला है जिसके प्रयोग से हमारा शरीर एच् आई वी वायरस के प्रभाव से खुद व खुद ही मुक्ति पा लेगा माना जा रहा है की खोजे गये इस तरीके से एच् आई वी का इलाज – 2020 तक होना शुरू हो जायेगा वैज्ञानिको ने इस जेनेटिक तरीके का सबसे पहले चूहों पर प्रयोग किया जिसमे वो सफल रहे इस प्रयोग के बाद वैज्ञानिको ने दावा किया है की इस तरीके से न केवल एड्स बल्कि हेपेटाईटिस B,C और टी.बी. जैसे खतरनाक गंभीर इन्फेक्शन का इलाज कर पाना संभव हो सकेगा |

वैज्ञानिको ने बताया है की एच् आई वी, हेपेटाईटिस B,C के वायरस हमारे इम्यून सिस्टम को इतना कमजोर कर देते है की हमारा इम्यून सिस्टम इन बीमारियों से लड़ नहीं पाता है और हमारा शरीर इन गंभीर बीमारियों के प्रभाव में आ जाते है |

इसलिये हमारी कोशिश है की इम्यून सिस्टम को कमजोर करने वाले कारणों को पहचानकर उसके जिन्स में ऐसा बदलाव किया जाये जिससे हमारा इम्यून सिस्टम फिर से इन बीमारियों से लड़ना शुरू कर सके और इन्फेक्शन का मुकाबला कर सके |

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