अपेंडिक्स का दर्द और उसके उपाय

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अपेंडिक्स का दर्द और उसके उपाये

अपेंडिक्स आँत का एक ऐसा भाग है जिसमे अक्सर इंफेक्शन होने की समस्या उत्पन्न हो जाती है | इसलिए डॉक्टरइसको ऑपरेशन करके बहार निकाल देते है| अपेंडिक्स का दर्द पेट के दाये हिस्से पर नीचे की और होता है| यह बीमारी 15 से 40 वर्ष के किसी भी व्यक्ति को हो सकती है| सही समय पर उपचार न मिलने से पेट के दाहिने भाग में एक गोला बन जाता है| और यह फट भी सकता है| अगर फट जाये, तो इससे पेट की झिल्ली भी इफेक्ट हो सकती है|

 अपेंडिक्स का काम

अपेंडिक्स सब्जियों में पाए जाने वाले सेल्युलोज को पचाने का काम करती है| क्यों की मनुष्य पका हुआ भोजन करता है| जिसको पचाने में आसानी होती है| अगर अपेंडिक्स की आत को निकल भी दिया जाये, तो हमारा शरीर सही से काम करता है|

 अपेंडिक्स का दर्द होने के कारण

– संतरा, नीबू, और अमरुद जैसे फलो के बीज का आंत में फंस जाना |
– आंतो में खाना जमा होना |
– भोजन में फाइबर की कम मात्रा होना |
– कोई पुराना कब्ज होना |
– अपेंडिक्स में कैंसर या रसोली का होना |
– पेट में कीड़े पड़ना |
– इन्फेक्शन होना |

 अपेंडिक्स का घरेलु उपचार

अपेंडिक्स का दर्द प्राक्रतिक उपाय अपनाकर ठीक किया जा सकता है| लेकिन गंभीर परिस्थिति में ऑपरेशन ही एक रास्ता है| जिससे आप इस परेशानी से छुटकारा पा सकते है|

• मसालेदार चीजो और खटाई वाले खाने से परहेज कीजिए, और तरल पदार्थो का अधिक से अधिक सेवन करे|
• सुबह उठ कर 2 से 3 लहसुन की कलियाँ छीलकर खाएं|
• पुदीना पेट की गेस और चक्कर आना जैसी समस्या के लिए बहुत फायदेमंद होता है| पुदीने की चाय पीने से अपेंडिक्स में फायदा मिलता है|
• एक पका हुआ टमाटर, सेंधा नमक, और अदरक इन तीनो को मिला कर खाना खाने से पहले सेवन करने से आराम मिलता है|
• उबला हुआ दूध ठंडा करके पीने से भी फायदा होता है|
• तुलसी के ४ – ५ पत्ते रोज चबाकर खाने से आराम मिलता है|
• छाछ में काला नमक मिलकर पीने से समस्या खत्म हो जाती है|
• अपेंडिक्स आंत की बीमारी में पालक लाभकारी होता है|
• दर्द होने पर आप पेट पर अदरक के तेल से मालिश भी कर सकते है|

 अपेंडिक्स से बचाव

इस बीमारी से बचने के लिए न्यूट्रेशन युक्त भोजन करना चाहिए| फाइबर युक्त चीजों को भी आहार में लेना चाहिए| फाइबर पेट में जमा गंदगी को बहार निकलने में मदद करता है|

भोजन निर्धारित समय पर करना चाहिए, जिससे पाचन तंत्र सही से हो सके|
वसा युक्त आहार से परहेज करना चाहिए|
थोड़ी सी भी थकान होने पर पूरा आराम करना चाहिए|
खासते, छिकते, और हसते समय एक हाथ को पेट पर रखे, जिससे दर्द न हो|

मरीज के साथ साथ कई बार डाक्टरों के लिए भी एक समस्या बन जाती है| क्यों की पेट का दर्द अपेंडिक्स का दर्द है| इसका पता करना थोडा मुश्किल होता है| इसके लिए डॉक्टरकी सलाह से पेशाब जाँच, अल्ट्रासाउंड, और रक्त की जाँच कराएं| ताकि समस्या का निदान जल्दी से हो सके| और आपको सही उपचार मिल सके|

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